गुण-दोष विवेक

अब तुलसीदास जी हंस का उदाहरण दे रहे हैं जो पाली मिले दूध में दूध पी लेता है तथ

बुराई-भलाई

एक संत थे। नदी के किनारे स्नान कर रहे थे। अचानक उन्होंने देखा कि एक बिच्छु पा

सुमति 

                                                     तुलस

तू है मधुमय संगीत सखी 

तू रुपवती, तू मृगनयनी हो सुंदर चितवन की मैनी मैं नटखट नंद का छोरा हूं तुझपर म

गुण ग्राहकता

प्रत्येक व्यक्ति में गुण तथा अवगुण दोनों रहते हैं। हम में से कोई पूर्ण नहीं।

कहने का ढंग 

संगठन में आपको यह ध्यान रखना होता है कि आप जो कुछ कह रहे हैं कितना भी सत्य है क

काशी में विराजते हैं द्वादश ज्योतिर्लिंग

काशी में भी द्वादश ज्योतिर्लिंग के स्वरूप विराजमान हैं। श्रावण मास में द्व

खग्रास चन्द्रग्रहण

                                                 ग्रहण का स

व्याख्यान श्री हनुमान चालीसा का

भाई-बहन दो परिवारों की कल्पना करिये। दोनों में एक भाई और एक बहन। पहले परिवा

परोपकार

रामायण कहती है कि जिनके मन में 'परहित' दूसरो की भलाई का स्वभाव हैं उसके लिए सं

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