राम की क्रांति 

Home / राम की क्रांति 
no-img

written by : सारथी

on: 13-03-2018-14:07:08

रामजी का वायदा

तो अर्जुन घबरा गया और कहने लगा- मेरा तो उद्धार हो जायेगा कृष्ण! किंतु मेरे परिवार का भरण पोषण कौन करेगा? भगवान गीताजी में एक बहुत बड़ी घोषणा करते हैं कि जो मेरा काम पूर्ण समर्पण भाव से करेगा उसके परिवार के भरण पोषण का दायित्व मैं लेता हूँ। श्री गीता जी के श्लोक :- 

अनन्याश्र्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते।
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षमं वहाम्यहम्।।

जो अनन्य प्रेमी भक्तजन मुझ परमेश्वर का निरन्तर चिन्तन करते हुये निष्काम भाव से भजन करते हैं, उन नित्य निरन्तर मेरा चिन्तन करने वाले पुरुष की आवश्यकतायें मैं पूरा करता हूँ और जो उनके पास है उसकी रक्षा करता हूँ।

रामायण तथा गीता में जहाँ-जहाँ क्रमशः रामजी तथा कृष्ण जी का उल्लेख आया है वहाँ-वहाँ एकल अभियान लिख दिया जाये तथा जहाँ-जहाँ हनुमान तथा अर्जुन का नाम आया है वहाँ अपना नाम लिख कर फिर पढ़िये पूरा रामचरित मानस अथवा श्रीमद् भगवत गीता। 

साभार
क्रांति राम की 
व्याख्याकार
श्याम गुप्ता

no coimments

copyright © 2017 All Right Reserved.
Design & Develop by - itinfoclub