प्रेरक प्रसंग

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अपनी मंजिल की सही पहचान करें

एक बार की बात है, एक व्यक्ति स्वामी विवेकानन्द के आश्रम में आया और आते ही वह व्यक्ति स्वामी जी के

सत्य का पालन 

बात उस समय की है जब हमारे महत्मा गंधी बाल्य अवस्था में थे। एक दिन की बात है कक्षा में स्कूल इंस्प

सब्र रखने से हल होती है सारी मुश्किल

बात उस समय की है जब महात्मा गौतम बुद्ध पूरे भारतवर्ष में घूम-घूम कर बौद्ध धर्म की शिक्षाओं का प्

सबसे बड़ी ताकत

बात उन दिनों कि है जब भूदान आंदोलन के जनक बिनोवा भावे जगह-जगह जा कर जमींदारों से जमीन मांग रहे थे

छोटी सीख से जीता बड़ा युद्ध 

बात उस समय की है जब छत्रपति शिवाजी मुगलों के खिलाफ छापा मार युद्ध लड़ रहे थे। एक दिन शिवाजी थके-ह

हर धर्म समानता और एकता का ही संन्देश देता है

बात उन दिनों की है जब भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन भ

बूढ़ा बरगद 

एक गांव में बरगद का एक पेड़ काफी वर्षों से खड़ा था। उस गांव के लोगों के अलावे आते-जाते राहगीर उस प

दुनिया में कोई गरीब नहीं

बात उस समय की है जब भगवान गौतम बुद्ध एक गांव में धर्म सभा को संबोधित कर रहे थे। बहुत सारे लोग अपनी

क्रोध का प्रतिकार

एक बार की बात है भगवान श्रीकृष्ण, बलदेव एवं सात्यकि रात्रि के समय सघन वन में रास्ता भटक गये। आगे

त्याग

बात उन दिनों की है जब देश में विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार की लहर थी। जगह-जगह लोग विदेशी वस्त्रों

शक्ति का उपयोग लोगों की भलाई के लिए करना चाहिए

बात उस समय की है जब स्वामी रामकृष्ण परमहंस की ख्याति पूरे दुनिया में फैली हुयी थी। उनकी इस ख्यात

चाह आज़ादी की

बात उस समय की है जब भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू किशोर अवस्था में थे। पंडित

तो इसे कहते हैं धर्म

चीन में एक महान दार्शनिक हुये। नाम था ताओ बू। उनके ज्ञान और विद्वता को चीन ही नहीं पूरी दुनिया म

पढ़िये सुभाषितानि

स्वभावो नोपदेशेन शक्यते कर्तुमन्यथा । सुतप्तमपि पानीयं पुनर्गच्छति शीतताम् ॥ अर्थ- किसी भी

शालीनता और ईमानदारी

इस बार कुछ यादें उनके जीवन से जो एक राजनेता होते हुये भी हम सब के प्यारे हैं। हर दल के प्यारे। हर

हथियारों को फेंक दो

समाजसेवा, मानवता के प्रति समर्पण ज्ञान, त्याग और सद्विचारों की प्रतिमूर्ति थे आचार्य विनोबा भा

बुद्धि को नष्ट कर देता है क्रोध

ये बात अब्राहम लिंकन के समय की है। किस्सा अमेरिका के इतिहास जुड़ा है। एक बार सेना के एक प्रमुख अ

विचारों की महानता दुनिया को नतमस्तक कर देती है

आदरणीय लालबहादुर शास्त्री इस देश के लोकप्रिय नेता और सबके प्यारे प्रधानमंत्री हुये। यूं तो उन

कर्तव्यपूर्ति में भेदभाव नहीं कर सकते

उन दिनों पूना के एक स्कूल में कोई आयोजन था। वही पूना जिसको आज हम पूणे के नाम से जानते हैं। महाराष

सत्य और ईमानदारी का दामन थामे रखिये

स्वामी विवेकानंद आदर्श के प्रतिमान हैं। उनकी बुद्धि बचपन से ही प्रखर थी। वो बचपन से ही बहुत बुद

सभी का हित सोचिये आपका हित भी होगा

बात उन दिनों की है, जब देश आजाद नहीं हुआ था। स्कूल कॉलेज ज्यादा नहीं थे। तब एक गांव में विद्यार्थ

ऐसे रखें क्रोध पर नियन्त्रण

एक बार की बात है, संत एकनाथ गोदावरी नदी का तट पर बैठे हुए थे। बैठने का उनका तरीका एकाग्रता पूर्ण थ

जब स्वामी विवेकानंद ने धर्म की बुराई करने वाले को दिया जवाब

उन दिनों स्वामी विवेकानंद पुणे की यात्रा पर थे। उस वक्त पुणे को पूना के नाम से जाना जाता था। वो र

कबीरदास जी ने बचपन में दे दी ये सीख

उन दिनों कबीरदास जी महज 9 वर्ष के थे। पितरों का तर्पण करना था, तो रामानंद जी ने कबीरदास से कहा, श्र

जब सिकंदर ही खुद को समझने लगा मूर्ख

सिकंदर पूरी दुनिया जीतना चाहता था। वो जिस जगह हुंचता, उसे जीत लेता। इसी तरह वो यूनान से भारत तक आ

महान अरस्तु के महान विचार

अरस्तु महान दार्शनिकों और सिकंदर के गुरु थे। उन्होंने 400 से अधिक किताबे लिखीं, जो विभिन्न विषयो

जानिये विंस्‍टन चर्चिल का नजरिया

उनका नजरिया क्या था, जिसके कारण वह इतने महान बने। यह जानने के लिए उनके विचारों को जरूर जानना होग

असली सुंदरता क्या है

एक बार की बात है चाणक्य और चंद्रगुप्त में नीति संबंधी बहस हो रही थी। चंद्रगुप्त चाणक्य के किसी भ

स्वमी विवेकानंद ने समझाया मूर्तिपूजा का राज

स्वामी विवेकानंद को एक बार एक अमीर सेठ ने निमत्रंण दिया। स्वामी जी ने उसका निमंत्रण स्वीकार कि

शांत मन

दोस्तों! आज हमारे प्यारे बापू यानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और शास्त्री जी का जन्मदिवस है।

सोच-समझकर ही करें व्यंग्य

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का नाम देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बड़े ही सम्मान के साथ लिया जात

अब्राहम लिंकन से बहुत कुछ सीख सकते हैं आप

अब्राहम लिंकन अमेरिका के सोलहवें राष्ट्रपति थे। उनका कार्यकाल 12 फरवरी, 1809 से 15अप्रैल 1865 तक रहा। व

तो ये हैं निंदकों से बचने का आसान तरीका

रविन्द्रनाथ टैगोर को लोग कई अलग वजहों से जानते हैं। उन्हें एक विचारक को तौर पर जाना जाता है। वो

अहिंसा कायरों का हथियार नहीं है

उन महात्मा गांधी गुजरात के साबरमती आश्रम में रहे थे। वहां उनके साथ कुछ लड़कियां भी रहती थीं। उस

विचार जो आपकी ज़िंदगी बदल दें

सफलता सबसे पहले आपके दिमाग में घटित होती है। और यह सब होता है विचारों के जरिये। स्वामी विवेकानं

इसे कहते हैं सच्ची भक्ति

एक बार की बात है विनोबा भावे वर्धा जा रहे थे। ट्रेन का सफर था। किसी स्टेशन पर ट्रेन रुकी। डिब्बे

स्वयं को वश में रखो

वो दौर गौतम बुद्ध का हो चुका था। उनके अनुयायी बढ़ रहे थे। उनके ज्ञान का प्रकाश हर तरफ फैल रहा था।

जब हनुमान जी के पास पहुंचे नारद और तुंबुरा

एक दिन अचानक कुछ यूं हुआ कि नारद एवं तुंबुरा में बहस शुरु हो गयी। बहस का विषय था कि आखिर दोनों में

शक्तियां पाते ही उसने गंगा में प्रवाहित कर दीं

महान संत बाबा गोरखनाथ का नाम भला किसने नहीं सुना होगा। प्रचं तपस्वी थे वो। उन्होंने घोर तपस्या

हिन्दी और हिन्दुस्तान

मैं हिंदी हूं। स्तब्ध हूं। इसी देश की हूं। पर बहुत दुखी हूं। समझ नहीं आ रहा क्या करूं? क्योंकि सम

जब श्री राम ने समझाया रिश्तों का महत्व

प्रभु श्री राम को 14 वर्ष का वनवास हो गया। उनके साथ माता सीता और अनुज लक्ष्मण भी गये। तीनों चित्रक

कैसे मिलेगा अच्छा व्यक्ति

गुरु द्रोणाचार्य ने कौरवों और पाण्डवों को शिक्षा दी। शिक्षा पूरी हुयी तो गुरु द्रोण ने उनकी पर

महात्मा गांधी के प्रेरक सुविचार

-विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता कि जननी है। -शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति ह

प्रेम सबसे बड़ी शक्ति है

भूदान आंदोलन चल रहा था। विनोबा भावे पूरे देश का भ्रमण कर रहे थे। देश के लिये लोगों से आग्र कर रहे

मुनीश्री तरुण सागर जी महाराज के कड़वे प्रवचन

-तुम्हारी वजह से जीते जी किसी की आंखों में आंसू आए तो यह सबसे बड़ा पाप है। लोग मरने के बाद तुम्हार

उस दिन नेता जी सुभाष चंद्र बोस रो पड़े

यूं तो हम आजादी की जंग में किसी के योगदान को कम या ज्यादा करे नहीं आंक सकते। ये नहीं कह सकते हैं

श्रारामचरित मानस की प्रेरक चौपाईयां

गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्रारामचरित मानस में मानव जीवन का समस्त दर्शन लिखा है। अगर आप मानस पढ़

इच्छाशक्ति हो तो आप कुछ भी कर सकते हैं

एक बार की बात है विनोबा भावे से एक आदमी मिलने आया। उसे शराब पीने की लत थी। वो अपनी समस्या विनेबा ज

जब नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने मांगा दहेज

एक दिन की बात है। हुआ यूं कि किसी व्यक्ति ने नेता जी से शादी के बारे में पूछ लिया। नेता जी आखिर कब

सबसे बड़ा त्याग

ये उन दिनों की बात है जब विनोबा भावे पूरे देश में भ्रमण कर रहे थे। लोगों से भूदान यज्ञ के लिये जमी

मां के समान धैर्यवान और सहनशील कोई नहीं

एक बार एक आदमी ने स्वामी विवेकानंद से पूछा कि मां की महिमा दुनिया में किस वजह से लिखी, पढ़ाई जाती

ऐसे गये थे लाला लाजपत राय पिकनिक

ये किस्सा लाला लाजपत राय की जिंदगी से है। बात उन दिनों की है जब लाला जी स्कूल में पढ़ा करते थे। उस

जब गणेश जी ने तोड़ा कुबेर का अहंकार

धनपति कुबेर देवराज इंद्र के कोषाध्यक्ष थे। इस पद के अहंकार में वो खुद को देवकोष का मालिक समझने ल

अवसर की सही इस्तेमाल करें

ये कहानी है बहुत समय पहले की। किसी गांव में एक महिला थी। वो कुबड़ी थी। कूबड़ की वजह से देह विकृत थ

हुनर सब में होता है

अंग्रेजी के एक महान लेखक हुआ करते थे। नाम था नथानिएल हौथोर्न। मगर वो हमेशा से लेखक ही नहीं थे। श

जब एक अंग्रेज ने गांधी जी को ख़त लिखा

मोहनदास करमचंद गांधी। किसे पता था कि एक सामान्य सा दिखने वाला व्यक्ति पूरी दुनिया को अपनी सरलत

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के तीन किस्से

दयालुता और जीवों से प्रेम उन दिनों कलाम साहब डीआरडीओ में कार्यरत थे। उसी दौरान किसी इमारत की स

सरलता और सहानुभूति भी जरूरी है

ये किस्सा जुड़ा है डॉ. माशेलकर और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जिंदगी से। असल में कलाम साहब से जुड़ा हु

सफलता नाउम्मीदी से नहीं मिलती

फ्योदोर दोस्तोवस्की का लेखन जितना समृद्ध था, उनकी निजी जिंदगी उतनी ही दुःखद। अभी जिंदगी के तेर

जब रविंद्र नाथ टैगोर से मिलीं भगिनी निवेदिता

मारग्रेट एलिजाबेथ का नाम भारत मे कम ही लोग जानते होंगे। मगर भगिनी निवेदिता का नाम इस देश का हर य

प्रेम की शक्ति ने पहाड़ भी झुका दिये

प्रेम में अथाह शक्ति होती है। अथाह, मगर सकारात्मक। प्रेम का प्रतीक ताजमहल तो पूरी दुनिया ने देख

फिजूलखर्ची करना गलत है

उस रोज महात्मा गांधी का जन्मदिवस था। हर रोज की तरह शाम को आश्रम में संध्यावंदन के लिए जब वो आये त

जीत आपके कदमों में होगी

लकड़ी का एक कमरा था। बिलकुल किसी तंबू की तरह। कमरा बंद था। उसमें थिएटर कंपनी का ओनर बैठा कुछ सिक्

आज़ादी की पहली लड़ाई का किस्सा

दोस्तों,  आप सभी स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें। स्वतंत्रता, जो हमें हमारे पूर्वजों

जुल्म सहो मत आवाज उठाओ

उन दिनों भारत अंग्रेजों का गुलाम था। स्वामी विवेकानंद रेल में यात्रा पर थे। कहीं जा रहे रहे थे।

ज्ञान की कीमत

बात उस समय की है जब मुगल सम्राट जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर भारत के सम्राट हुआ करते थे। उनके सभा मे

सच्चा पुरुष और उसका पुरुषार्थ

कभी कहीं एक किस्सा सुमा था। ये जुड़ा है स्वामी विवेकानंद से। प्रामाणिकता का पता नहीं लेकिन प्र

अच्छे लीडर का गुण

एक बार की बात है जब डॉ. अब्दुल कलाम साहब का इंटरव्यू लिया जा रहा था। उनसे एक सवाल पूछा गया। उन्हीं

जिंदगी का रहस्य

एक कहानी दुनिया के जानेमाने लेखक लियो टॉल्सटॉय के जीवन से याद आती है। एक बार एक व्यक्ति ने टॉल्स

सबको एक लाठी से नहीं हांक सकते

जब हम किस्से कहानियों की बात करते हैं तब अकबर-बीरबल की कहानियां जरूर याद आती हैं। ये कहानियां हस

शालीनता में महानता है

जॉन एफ कैनेडी अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति थे। उनकी एक खास आदत थी। वो हर छोटी से छोटी बत को बड़ी अह

उम्मीद का दामन कभी ना छोड़ें

अगर आप विज्ञान से परिचित हैं तो आप थॉमस एल्वा एडिसन को जानते हैं। आपके घर में बिजली के बल्ब से रो

सृजनशीलता को प्रोत्साहित करें नष्ट नहीं

उन दिनों जवाहरलाल नेहरू स्कूल में पढ़ा करते थे। एक दिन की बात है, वो अपनी क्लास में बैठे थे। बार-ब

क्‍या डरना कठिन सवालों से

स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम इसे लेकर ही रहेंगे’ यह नारा देने वाले लोकमान्य बाल गंगा

ऐसा करोगे तो क्या कमाओगे

अकीदत-ओ-एहतराम एक अज़ीम शख्सियत के मालिक पण्डित चन्द्रशेखर आजाद एक बार झांसी में थे और वह बुंदे

बच्चों से प्रेम

महात्मा गांधी को बच्चे अक्सर ख़त लिखा करते थे। बच्चों को उनसे खास लगाव था। प्रेम था। एक बार की ब

सत्य निष्ठा

ये किस्सा महात्मा गांधी का है। मगर उन दिनों का जब उन्हें महात्मा गांधी के नाम से कोई नहीं जानता

कभी विश्वासघात मत करना

पंडित रामप्रसाद बिस्मिल एक किस्सा याद है। इस किस्से का ज़िक्र उन्होंने अपनी आत्मकथा में किया ह

जो व्यक्ति दूसरों के काम न आए वह मनुष्य नहीं है

बात उन दिनों की है जब ईश्वर चन्द्र विद्यासागर कलकत्ता में नौकरी कर रहे थे। वो एक स्कूल में पढ़ाय

सत्य का साथ

शुरुआती दिनों से ही स्वामी विवेकानंद प्रतिभावान थे। उनकी गिनती मेधवी छात्रों में होती थी। सभी

ईमानदारी और सादगी महान गुण हैं

वाराणसी का शहर। दोपहर लगभग बीत रही थी। दिन के इस पहर नदी किनारे अक्सर ही भीड़ रहा करती है। अपने-अ

सम्मान से अधिक कीमती है वक्त

बात उन दिनों की है जब हमारा देश गुलामी की नींद से जागने की कोशिश कर रहा था। इसे जगाने वालों में सब

जहां चाह वहां राह

बच्चों में किसी खास दिन को लेकर एक अलग ही उत्सुकता होती है। उत्साह होता है। यह उत्सुकता... उत्साह

श्री रामचरितमानस - रावण मारीच संवाद

दोहा : करि पूजा मारीच तब सादर पूछी बात। कवन हेतु मन ब्यग्र अति अकसर आयहु तात॥24॥ तब मारीच ने उसक

क्रोध का स्वागत विनम्रता से करिये

ये किस्सा है भारत के तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन का। इनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा। वो 13 मई 1967

डर से भागो मत सामना करो

कहते हैं कि महान बनते नहीं, पैदा होते हैं। रातों-रात कोई प्रसिद्ध तो हो सकता है लेकिन महान नहीं ब

ध्येय के प्रति एकनिष्ठ रहना बहुत बड़ा सद्गुण है

पौराणिक कहानियों में महाभारत के यद्ध का हर पल शिक्षाप्रद है। मगर हमें एक किस्सा सुनाना है। तो ह

कृपया मुझे मेरी गाय ले जाने दे

बात उस समय की है जब महान कथाकार, कलम के जादूगर (उपन्यास सम्राट) मुंशी प्रेमचंद गोरखपुर में अध्या

कठिनाइयों से गुजरे बिना कोई अपने लक्ष्य को नहीं पा सकता

आइज़क न्यूटन का नाम विज्ञान का पर्याय है। भौतिक विज्ञान में योगदान देने वाले वैज्ञानिकों में उ

कर्ज लेकर शान नहीं दिखाना 

बात उन समय कि है जब महान स्वतंत्रा सेनानी अकीदत-ओ-एहतराम एक अज़ीम शख्सियत के मालिक लाला लाजपत रा

काश मैं भी तुम्हें मीठा फल दे पाता

ये उन दिनों की बात है जब गौतम बुद्ध अधिक से अधिक लोगों तक ज्ञान का प्रचार कर रहे थे। इस काम के लिय

वक्त से पहले किस्मत से ज्यादा कुछ नहीं मिलता

बहुत समय पहले की बात है। तीन पेड़ हुआ करते थे। तीनों में गहरी दोस्ती थी। उनका बसेरा एक घना जंगल थ

प्रिय तुम

सुनो, यह उस समय की बात है जब तुम न थे। विहग दूर कहीं कोई सुर छेड़ रहे थे। कितनी मीठी ध्वनि थी। मुझे य

कभी हार मत मानो

बहुत समय पहले की बात है। एक व्यक्ति अपने गधा को लेकर जा रहा था। अपने गांव की ओर। रास्ता सूनसान था

माता की सीख

एक किस्सा ईश्वरचन्द्र विद्यासागर के बचपन का है। उन दिनों जब उनकी उम्र भी अधिक नहीं थीं। सुबह तड

वे एक साहसी योद्धा थी

लोग उन्हें राजमाता अहिल्या देवी होल्कर नाम से भी जानते हैं। एक महान शासक और मालवा प्रांत की महा

पेड़ का परोपकार

बहुत समय पहले की बात है। दूर पहाड़ियों में एक गांव था। बड़ा ही सुन्दर। खूब हरियाली थी। नदी, ताला

वह लड़का के. आर. नारायणन कहलाया

बहुत समय पहले की बात है। एक गांव का बच्चा था। गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। अच्छे कपड़ों लायक

विश्वास कभी न तोड़ें

अकीदत-ओ-एहतराम एक अज़ीम शख्सियत के मालिक पंडित राम प्रसाद बिस्मिल किसी परिचय के मोहताज नहीं है

हो सके हांथ मदद के लिये उठाये

सुबह आँख जल्दी ही खुल गयी। गर्मियों की सुबह थी। दिन भर तो तपना ही होता है धूप में। दिन से उलट सुबह

जनता का पैसा बहुमूल्य है

महात्मा गांधी के जीवन से किस्सा याद आता है। जो कहीं पढ़ा था। किस्सा कुछ इस तरह है कि गांधी जी भोज

इंसान तो सभी होते हैं लेकिन इंसानियत कुछ इंसानों में होती है

किसी एक शहर के नजदीक एक होटल था। जिसका मालिक बड़ा ही दयालु और सज्जन व्यक्ति था। होटल से अच्छी कम

मुझे पहचान दे दो

जब हम कुछ लिखते हैं तो कभी ये सोचकर नहीं लिखते या सोचते हैं कि इसका क्या असर होगा...लेकिन अब जो मैं

भगवान को नहीं पहचान पाये भगवान

एक बार की बात है, भगवान शंकर जी माता सती से कहते हैं कि श्री राम ही ब्रह्म है, लेकिन माता सती नहीं म

प्रेम से दुनिया जीत सकते हैं

जब प्रेरक प्रसंग सुनते और सुनाते हैं तो एक विषय आता है विनम्रता। चरित्र का अमूल्य आभूषण। तो ये क

शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपाई जी से जुड़ा एक प्रसंग कुछ यूं है कि उन दिनो अटल जी उच्चशिक

मेहनत और संतोष ही सुखी जीवन की कुंजी है

एक किस्सा याद आता है। हमारे मोहल्ले में एक सेठ जी रहते थे। शहर के सबसे अमीर लोगों में उनकी गिनती

जैसा आपका आचार और विचार होगा वैसा ही आपका परिवेश

पाण्डवों और कौरवों को शस्त्र और युद्ध की शिक्षा देते हुए आचार्य द्रोण के मन में उनकी परीक्षा ले

मेरी मिट्टी से भी खुश्बू-ए-वतन आयेगी

ये उन दिनों की बात है जब देश गुलामी की नींद सो रहा था। इसे नींद से जगाने के लिए आजादी के परवाने लड

दुनियां के सभी मुर्ख हमारे गुरु हैं

ये किस्सा है यूनान के महान दार्शनिक अरस्तु का। पठन-पाठन से जुड़ा हर एक व्यक्ति अरस्तु को जानता ह

मुल्य और आदर्श ही सदैव साथ रहेंगे

ये उन दिनो की बात है जब लाल बहादुर शास्त्री जी भारत के प्रधानमंत्री थे। वो हमेशा अपने आदर्शों और

मां ही मेरा ईश्वर है

आंख खुली तो देखा की सूर्य ने किरण रुपी करों से पंचांग में दिनांक बदला। यह तो उनकी नित्य-क्रिया ह

चेतक जो इतिहास में अमर हो गया

''चेतक क्या बड़वानल है वह, उर की आग जला दी है। विजय उसी के साथ रहेगी, ऐसी बात चला दी है।'' महाराणा प

मगर तू कब रुकेगा

बहुत समय पहले की बात है, गौतम बुद्ध घने जंगल से होकर गुज़र रहे थे। आचानक ही किसी ने उन्हें आवाज दे

यही जीवन दर्शन है

गांव में अपने घर के सामने जलाशय के एक छोर पर लगे इमली के वृक्ष की छाया तले विश्राम की मुद्रा में ब

मां... तब मैं इस देश के काम आ भी सकूंगा या नहीं

अकीदत-ओ-एहतराम एक अज़ीम शख्सियत के मालिक पंडित राम प्रसाद बिस्मिल किसी परिचय के मोहताज नहीं है

एक मां का भरोसा

ये कहानी शुरू होती है बचपन के उन दिनों से जब थॉमस एल्वा एडिसन प्राइमरी स्कूल में पढ़ते थे। एक दिन

उसका नाम सीता है

उस दिन काम पर जाने में देर हो गयी थी मुझे। शाहदरा से नोएडा सेक्टर 57 जाने के लिए दो बार गाड़ी बदलनी

परोपकार से आत्मा आनंदित होती है

दौड़ती भागती जिंदगी और इसकी चुनौतियां। इनमे हम इस कदर शामिल हो जाते हैं कि इसकी खूबसूरती देख ह

लक्ष्य निर्धारित करो और सिर्फ उसी पर ध्यान लगाओ

सनातन धर्म और भारत का परिचय जब-जब आता है तब सबसे पहले आने वाले नाम में एक होता है स्वामी विवेकानं

सादगी में संतोष का भाव होता है

हमारे पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम सबसे पहले आता है, जब हम बात करते ह

लोमड़ी और कौआ

एक लोमड़ी दो दिन से भूखी थी। उसे खाने को कही भी कुछ न मिला था। वह शहर की ओर आई। अचानक क्या देखती है क

प्यासा कौआ

एक बार की बात है किसी जंगल में एक कौवा रहता था। एक दिन उससे बड़ी जोर से प्यास लगी। वह पानी की तलाश म

अंगूर खट्टे है

एक लोमड़ी थी, जो अंगूर खाने की बहुत शौकीन थी। एक बार वह अंगूरों के बाग से गुजर रही थी। चारों ओर स्

कछुआ और खरगोश

किसी जंगल में एक तालाब के किनारे एक कछुआ और एक खरगोश रहता था। दोनों में गहरी मित्रता थी। कछुआ अप

कबूतर और बहेलिया

बरगद के एक पेड़ पर कबूतरों का एक झुण्ड रहता था। एक दिन कबूतर भोजन की तलाश में उड़ रहे थे। उन्हें जमी

सबको हमेसा अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए

दोस्तों आज आप सभी को एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हु जो की महाभारत काल से जुडी हुई है तो दोस्तों उस व

क्यों पूजते है हम तुलसी को

हर हिन्दू के घर में एक तुलसी का पौधा जरूर होता है लेकिन बहुत कम ही लोग जानते होंगे की तुलसी को क्य

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